Ramdhari Gupta Khand 1 PDF Download Dictation Book

Ramdhari Gupta Khand 1 Hindi Shorthand dictation book हर छात्र की पहली पुस्तक है, जिसका प्रयोग वह अपनी गति को बढ़ाने मे करता है। यह किताब उन सभी छात्र के लिए कारगर सिद्ध हुई है, जो अभी शुरुआत कर रहे hindi shorthand dictation लिखना तथा जो लोग लिख रहे है।

इसको प्रैक्टिस करके आप stenography मे 60, 70, 80, 100, 120, 140 word per minute की गति को आसानी से प्राप्त कर सकते है। आपको बस रामधारी गुप्ता जी के खंड 1 किताब मे दिए गए कुल 100 dictation मैटर को पूरा करना है।

Ramdhari Gupta Khand 2 PDF Download

Ramdhari Gupta Khand 1 book

रामधारी गुप्ता जी की किताब की प्रतिलिपी मैने pdf book के रुप मे दे दी है। दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप फाइल को download कर सकते हैं। इसमे आपको पूरे 100 मैटर, आशुलिपि हिंदी मे शब्दचिन्ह तथा dictation matter का shorthand रूप भी दिय है, जो आपकी प्रैक्टिस मे मदद करेगा।

Ramdhari Khand 1 PDF Book

आप सभी की कोशिश यही रहनी चाहिए की हर dictation matter को 5 से 7 बार जरूर लिखें।

प्रतिलेखन संख्या 9

सभापति महोदय, ये शब्द मेरे नहीं हैं बल्कि राष्ट्रपिता के हैं। जो लोग आज सरकार में बैठे हुए हैं। क्या वे अपने दिल में सौचेंगे कि यह देशद्रोह शब्द वालकों को अंग्रेजी पढ़ाने के लिए राष्ट्रपिता का कहा हुआ है। आज 54 वर्प देश को स्वतंत्र हुए हो गए हैं लेकिन राष्ट्रपिता की इस बात पर आज तक ध्यान नहीं दिया गया है। अंग्रेजी भाषा को पढ़ाना क्यों बंद नहीं किया गया और उसको दैनिक कार्यों में क्यों प्रयोग में लाया जाता है? मैं इस बात को कई वार इस सदन में कह चुका हूँ और मैंने इस विधान परिषद की नियमावली में एक वर्ष पहले एक संशोधन भी रखा था लेकिन मेरा दुर्भाग्य है कि वह संशोधन वर्ष पर से इस सदन में प्रस्तुत नहीं हो सका। मेरी अपनी राय है कि कम से कम दैनिक कार्यों के लिए यदि सरकार अंग्रेजी भाषा पर बंधन लगा दे तो बहुत अच्छा हो और जो यह अनुशासनहीनता है वह भी समाप्त हो जाए।

सभापति महोदय, जैसा कि मेरे मित्र ने कहा, लड़कों के माता-पिता अंग्रेजी का प्रयोग करते हैं और उनके शिक्षक भी उसका प्रयोग करते हैं फिर बालकों पर उसका प्रभाव क्यों नहीं पड़ेगा? मैं उनसे सहमत हूँ कि बालकों में नकल करने की आदत होती है। जैसा वे अपने बड़ों को करते देखते हैं वैसा ही वे करते हैं । अगर हम कोई बुरा काम करेंगे तो उसका प्रभाव बालकों पर अवश्य पड़ेगा । आप देखेंगे कि जिस मनोवृत्ति के माता-पिता और शिक्षक होते हैं उसी प्रकार के बालक भी होते हैं । हम दूसरों को तो परामर्श दे देते हैं लेकिन स्वयं उस पर अनपालन नहीं करते । इसके साथ ही साथ हमको शिक्षा – प्रणाली की ओर भी ध्यान देना है। शिक्षा के जिन तरीकों को आजकल अपनाया जा रहा है वे वास्तव में लाभकारी नहीं हैं । सरकार की ओर से इस प्रकार का आदेश होना चाहिए कि चौदह वर्ष तक बालकों को अपनी मातृभाषा मे ही शिक्षा दी जाएगी और दैनिक कार्यों में भी अग्रेजी क॑ प्रयोग नहीं होगा। इस प्रस्ताव में अनेक महत्वपूर्ण बातों की ओर ध्यान दिलाया गया है। मैं समझता हूँ कि जब माननीय मंत्री जी इस का उत्तर देंगे गो कह देंगे कि हम बहत-सी बातों पर कार्यान्वयन कर रहे हैं। लेकिन में समझता हूँ कि उन पर कोई कार्यान्वयन नहीं हो रहा है। (कुल 383 शब्द)

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